जब टोना जादू पकड़ा गया हस्तरेखा से !
वृक्ष अपना फल नहीं खा पाता
डॉ अपना इलाज नहीं कर पाता
ज्योतिषी अपना भाग्य नहीं जान पाता
ये सब दूसरो की सेवा के लिए होते है।
उस दिन रोज की तरह आफिस से निकल कर घर आ गया और अपने बैठक में बैठा था कि एक व्यक्ति आ गया हाथ दिखाने। हाथ देखने के बाद मैंने कहा -आपका समय तो ठीक है , परन्तु उसने कहा -मुझे कई वर्षो से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है आर्थिक संकट सहित। मैंने पुन ध्यान से देखा कोई विपरीत बात नजर नहीं आ रही थी। उसके पूछने पर मैंने कहा -सब ठीक ठाक है , यह गृह जनित बाधा या भाग्य जनित बाधा नहीं है परन्तु एक बात अवश्य दिख रही है -आपकी पत्नी पर कोई संकट नजर आता है। शायद आपकी पत्नी पर अभिचार कर्म (तंत्र प्रयोग ) किसी ने कर दिया है। इस पर उस व्यक्ति ने कहा- देखिये मै एक पढ़ा लिखा हूँ मै एक आयुर्वेदिक डाक्टर हूँ और ये सब बाते मै नहीं मानता। मैंने कहा बिलकुल ठीक मै भी पढ़ा लिखा हूँ ये बाते पढ़े लिखे लोग नहीं मानते , परन्तु एक बात मै कहना चाहूँगा कोई जरुरी नहीं कि "जो हमने नहीं पढ़ा या नहीं देखा" वो संसार में नहीं है , वो भी सच्चाइयाँ हो सकती है जो हमने कंभी सोंचा भी नहीं। मेरे ख्याल से बतौर सावधानी छानबीन करने में क्या बुराई है ? कुछ नहीं तो अच्छी बात है ,कुछ वास्तव में हो तो अँधेरे के गड्ढे से बचाव तो होगा। मेरे इस तर्क से वह सहमत हुआ। फिर उसने पूछा यदि ऐसा कुछ निकल गया तो क्या करना होगा ? मैंने जवाब दिया -उसका निवारण करने आप स्वयं सक्षम है आपका हाथ मुझे बता रहा है आप स्वयं तांत्रिक है रहस्य विद्याओ के जानकार है। उसे जैसे बिच्छू का डंक लगा , बिना कुछ बोले फ़ीस पूछी , पैसा देकर चुपचाप चला गया।
दूसरे दिन पुन: शाम को वह आ टपका , कहने लगा -जैन साहब , जब आपने कहा मेरी पत्नी पर तांत्रिक प्रयोग किये जाने की सम्भावना , तो मुझे ज़रा भी विश्वास नहीं हुआ , परन्तु जब आपने कहा कि मै स्वयं तांत्रिक हूँ तब मेरा दिमाग घूम गया। विचित्र है यह तो , पहली बार किसी से पाला पड़ा है , वास्तव में मै स्वयं मुस्लिम तंत्र का जानकार हूँ ,एक मुसलमान तांत्रिक मेरे उस्ताद थे , मै स्वयं तंत्र विद्या से कइयो का उद्धार कर चुका हूँ , ऐसे में भला मेरे यहाँ कोई तंत्र प्रयोग कैसे कर सकता है ! परन्तु आपकी बाते सुन मै घर जाकर अपनी पत्नी पर अपनी जाच विधि प्रयोग कर देखा तो वाकई उस पर तंत्र प्रयोग के प्रमाण मिले ! और अपनी विधि पर मुझे पूर्ण विश्वास है, अनेक बार जाँची परखी विधि है। अब बताइए आगे क्या करूँ ? मैंने सुझाव दिया किसी अच्छे तांत्रिक के पास जाकर जांच कराइये कि माजरा क्या है , किस तरह का है ! फिर या तो उसके निवारण का उपाय या तो स्वयं करो या दूसरो से करवाइये , अब उसकी जिद पर मैंने डौंडी वाले सर का पता बताया तो उसने अनुरोध किया कि मै स्वयं भी चलूँ उनके साथ। मैंने नौकरी की वजह से असमर्थता व्यक्त की तो उसने मेरे छुट्टी के दिन जाने की योजना बनाई। रविवार के दिन कार लेकर दोनों पति पत्नी मेरे पास आये , मै भी चल पड़ा क्योकि उत्सुकतावश मुझे भी जानना था कि जो मैंने देखा था क्या वह सही था। डौंडी वाले सर को मै १०-१५ वर्षो से जानता था और वे पढ़े लिखे व मेरे परीक्षित व्यक्ति थे , उनकी कई बार परीक्षा मेरे द्वारा हो चुकी थी। और अनेक अकाट्य प्रमाण मुझे मिल चुके थे। वहा जाने पर और जांच करने पर नाम के दो अक्षर निकले और सर ने बताया कि दोनों महिलायें हैं। अब डॉ साहब से पूछा गया कि आस पड़ोस में किन्ही दो महिलाओ को जानते हो जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू होता है ? प्रारम्भ में इनकार के बाद काफी याद करने के बाद उन्होंने हमें बताया कि रायपुर से दूर एक गाव में जहा मेरा खेती बाड़ी है , गांव के मकान के पड़ोस में दो महिलाये सास और बहु रहती है , उन्ही दोनों के नाम इन अक्षरो से शुरू होता है। गाँव वालो के अनुसार सास तो चालीस गाँवों की "टोनहियो" की मुखिया मानी जाती है। ये सब सुनकर तो मै स्वयं और डौंडी वाले सर भी भौचक्के रह गए। (बाद में निवारण उपाय किये गए ) पाठक स्वयं निर्णय करे कितना अंधविश्वासपूर्ण है ये
दूसरे दिन पुन: शाम को वह आ टपका , कहने लगा -जैन साहब , जब आपने कहा मेरी पत्नी पर तांत्रिक प्रयोग किये जाने की सम्भावना , तो मुझे ज़रा भी विश्वास नहीं हुआ , परन्तु जब आपने कहा कि मै स्वयं तांत्रिक हूँ तब मेरा दिमाग घूम गया। विचित्र है यह तो , पहली बार किसी से पाला पड़ा है , वास्तव में मै स्वयं मुस्लिम तंत्र का जानकार हूँ ,एक मुसलमान तांत्रिक मेरे उस्ताद थे , मै स्वयं तंत्र विद्या से कइयो का उद्धार कर चुका हूँ , ऐसे में भला मेरे यहाँ कोई तंत्र प्रयोग कैसे कर सकता है ! परन्तु आपकी बाते सुन मै घर जाकर अपनी पत्नी पर अपनी जाच विधि प्रयोग कर देखा तो वाकई उस पर तंत्र प्रयोग के प्रमाण मिले ! और अपनी विधि पर मुझे पूर्ण विश्वास है, अनेक बार जाँची परखी विधि है। अब बताइए आगे क्या करूँ ? मैंने सुझाव दिया किसी अच्छे तांत्रिक के पास जाकर जांच कराइये कि माजरा क्या है , किस तरह का है ! फिर या तो उसके निवारण का उपाय या तो स्वयं करो या दूसरो से करवाइये , अब उसकी जिद पर मैंने डौंडी वाले सर का पता बताया तो उसने अनुरोध किया कि मै स्वयं भी चलूँ उनके साथ। मैंने नौकरी की वजह से असमर्थता व्यक्त की तो उसने मेरे छुट्टी के दिन जाने की योजना बनाई। रविवार के दिन कार लेकर दोनों पति पत्नी मेरे पास आये , मै भी चल पड़ा क्योकि उत्सुकतावश मुझे भी जानना था कि जो मैंने देखा था क्या वह सही था। डौंडी वाले सर को मै १०-१५ वर्षो से जानता था और वे पढ़े लिखे व मेरे परीक्षित व्यक्ति थे , उनकी कई बार परीक्षा मेरे द्वारा हो चुकी थी। और अनेक अकाट्य प्रमाण मुझे मिल चुके थे। वहा जाने पर और जांच करने पर नाम के दो अक्षर निकले और सर ने बताया कि दोनों महिलायें हैं। अब डॉ साहब से पूछा गया कि आस पड़ोस में किन्ही दो महिलाओ को जानते हो जिनके नाम इन अक्षरों से शुरू होता है ? प्रारम्भ में इनकार के बाद काफी याद करने के बाद उन्होंने हमें बताया कि रायपुर से दूर एक गाव में जहा मेरा खेती बाड़ी है , गांव के मकान के पड़ोस में दो महिलाये सास और बहु रहती है , उन्ही दोनों के नाम इन अक्षरो से शुरू होता है। गाँव वालो के अनुसार सास तो चालीस गाँवों की "टोनहियो" की मुखिया मानी जाती है। ये सब सुनकर तो मै स्वयं और डौंडी वाले सर भी भौचक्के रह गए। (बाद में निवारण उपाय किये गए ) पाठक स्वयं निर्णय करे कितना अंधविश्वासपूर्ण है ये
![]() |
| डौंडी वाले सर (099074 -64636) |

जी धन्यवाद.
जवाब देंहटाएंआप हमारा यह ब्लॉग भी देखें और अपनी रय दें-
http://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/main/tags/%27adhyatm%27