9 मई 2019

जब वाट्सएप में ज्ञान देना मंहगा पड़ा!!

ज्योतिष के एक ग्रुप मेरा एक नम्बर जोड़ा गया। और लकीर के फ़क़ीर ज्योतिषी ने ,जिसने वो ग्रुप बनाया था, पंचांग और मुहूर्त था दैनिक,साप्ताहिक राशिफल देते रहे। कुछ दिनों तक मैं चुपचाप पढ़ता रहा। बाद में मैंने कुछ तर्क सत्यता, असत्यता पर लिखने शुरू किए। ग्रुप में कुछ लोगो को मेरी खरी2 बाते पसंद आई।पर ज्योतिष (जगदम्बा ज्योतिष नाम रखा था अपने संस्थान का शायद) महाशय चिढ़ गए। फिर उन्होंने टिप्पणी की कि "आप शास्त्रों को नही मानते इसलिए मैं आपको नही मानता"।
मैने तर्क दिया शास्त्रों की रचना मनुष्य ने ही कि है, बेशक वे असाधारण विद्वान थे, पर कई सिद्धांत उस काल मे सही रहे होंगे और आज गलत हो सकते है। ये भी हो सकता है कोई सिद्धांत सार्वभौमिक सत्य नही होता।अतः लोगो को मार्गदर्शन सम्भलकर करना चाहिए ताकि misguide न हो। ज्योतिषी महोदय और चिढ़ गए।
चूंकि ग्रुप में मैंने अपने अनुभवों और प्रयोगों के बारे में ही लिखा, तो कई सज्जनों ने अपने हाथ की छाप डालने लगे और जिद करने लगे कि हमारे बारे में भी बताएं। कुछ समय मैं चुप ही रहा क्योकि ग्रुप को मैं विषय से भटकाना नही चाहता था, तो अनेक मुझसे इसलिए नाराज हो गए कि मैं कोई जवाब नही दे रहा हूँ। फिर मैंने आखिरकार लिखा कि ग्रुप में मेरा उद्देश्य सिर्फ अपने अनुभव व प्रयोगों को बताना है, न कि profession चलाना।(वैसे मैं एक एकाउंट्स मैनेजर हूं)। तिस पर भी लोग नाराज हुए कि किसी के कष्ट को आप नही सुनते, कोई मार्गदर्शन नही देते तो क्या फायदा!
मैंने यह भी कहा कि मैंने हस्तरेखा देखना बन्द कर दिया है, समय की कमी और शौक पूरा होने के कारण। तब भी नाराजगी जारी रही। और फिर ग्रुप से मुझे निकाल दिया गया।
यानी लोग जबरन सेवा करवाना चाहते है, भले ही ये किसी के लिए परेशानी का कारण भी बनता हो तो बने।
खैर एक दो सालों बाद एक महाशय ने मुझे वाट्सएप पर अपनी हस्तरेखा की छाप भेजी। मैंने टालने की कोशिस की तो उसने सीधे फोन।लगाकर कुछ परेशानी बताई तो मेरा ध्यान उसकी हथेली की छाप पर गया। फिर भी टालने के लिए मैने कहा कि फीस जमा करानी होगी।आवश्यक फीस उसने मेरे बैंक में जमा भी करा दी, अब मैंने भी निश्चय किया कि देख ही लिया जाए। मैंने उसे वाट्सएप पर ही लिखा कि समय दे,रविवार को खाली रहूंगा तो अध्ययन करके लिखूंगा। उसने मान लिया।

1-2 दिन बाद रविवार को मैंने खाली समय पाकर study किया और वाट्सएप पर ही हस्तरेखा अध्ययन फल लिख भेजा।

उसके बाद यह आइडिया भी आया कि जिन्हें वाकई जरूरत हो, उन्हें ये सेवा प्रदान की जाए भले ही सप्ताह में एक को ही देख पाऊं, इससे थोड़े टच में रहूंगा।

अतः मैं चाहूंगा कम से कम लोग ही सम्पर्क करें अपने हस्तरेखा अध्ययन के माध्यम से। जवाब देने में देर हो सकती है समयाभाव के कारण, पर दूंगा जरूर। और हां, फीस तो लूंगा ही, मुफ्त सेवा नही करूँगा। सीधे फोन पर बात न करे क्योकि ऑफिस के कार्य के कारण व्यस्त रहूंगा, ड्यूटी के बाद मेरे अपने कार्य भी कुछ रहते है।

अतः वाट्सएप पर ही लिखे,उसी के माध्यम से जवाब मिलेगा।वाट्सएप पर ही मेरी स्वीकृति के बाद दोनों हाथों की फोटो, नाम,जन्म तारीख,जन्मसमय,जन्मस्थान भेजा जाना चाहिए।
स्थानीय लोगो के हाथ तो बहुत देखे, अब सेवा का दायरा बढ़ाया जाए, क्योकि ब्लाग और वाट्सएप द्वारा सम्पर्क देशभर से हो गया।
मेरा वाट्सएप नम्बर है-94063-00401.
- आर के बाफना,रायपुर, छत्तीसगढ़

जितना हो सके उतना ही बताऊंगा समाधान।क्योकि मनुष्य की एक सीमा होती है।असाधारण उम्मीदे न पालना।