लग गया तो तीर नहीं तो तुक्का ?
जगह जगह विभिन्न प्रकार के बाबाओं और ज्योतिषियों के बारे में सुनता आया , कभी कभी तो देवताओं /देवियों के आने के बारे में सुनता आया.जीवन में ऐसे स्थानो की परीक्षा किया और सत्य खोजने का प्रयास भी किया. अनेक मैंने सत्य पाया तो स्थानो पर फ्राड ! पाठको के सामान्य ज्ञान के लिए ऐसे अनेक स्थानो की परीक्षा परिणाम बतलाना चाहूँगा ताकि धोखा धडी से सके.१-देवी की परीक्षा -
तेली बाॅधा के आगे एक गांव के बारे में पता लगा की वहां देवी आती है , यादव परिवार है। तो परीक्षा करने पहुँच गया। नियत समय पर एक महिला ने सजना शुरू किया और फिर गहने लाल साड़ी पहन कर जीभ निकाल कर काली माई आने का नाटक करने लगी। लोगों को गोलमाल बातें बोल कर बरगलाने लगी। मै निश्चित होकर सब देखते रहा। फिर धीरे से अपने पति को बोली -आज जो नया आदमी(यानी मैं ) आया है न , उसे बुलाओ। उसने मुझे इशारा किया तो मै सामने गया। फिर पूछा -भड़गाँव में जो बोली थी वो क्या था और क्यों हुआ ? यह सुनकर अकचका गयी , क्या बोली थी?मैंने कहा था ? मैंने कहा -हाँ। काली माई आकर बोली थी , तिस पर उसने जवाब दिया -मैंने कहा था ?काली कई प्रकार की होती है ,काली महाकाली भद्रकाली आदि , मैंने जवाब दिया -मैंने सप्तशती पढ़ा है एक ही काली होती है , चाहे भड़गाँव हो या रायपुर। अब तो वह बगले झाकने लगी , मैंने जान लिया की यह फ्राड है , फिर भी अपमान न हो, लोगों की भावनाओं को ठेस न लगे, इसलिए बगैर दुतकारे चला आया।
२- बाबाजी की परीक्षा :-
दुर्ग के एक बाबाजी के भक्त हैं, मराठी है,नाम नहीं दे रहा हूं , बहस से बचने। एक बार मित्र को लेकर गया , एक समस्या के बारे में पूछा -तो टालने लगे -अगले हप्ते आना। फिर मैंने अपने बारे में पूछा तो वही गोलमाल जवाब। एक बार मेरी बिटिया गयी तो उन्होंने बताया कि इंजिग के क्षेत्र में जाओगी,मेरी बिटिया ने जवाब दिया -मै तो कामर्स स्टूडेंट हूं फिर इंजिनियरिंग में कैसे जाऊगी ? वो वे बगले झाँकने लगे.इसी प्रकार मौका लगने पर मैंने पूछा-मेरी नौकरी कब लगेगी-जवाब मिला -14 तारीख को पूर्णिमा है तब तक लग जावेगी। हाल में ही मैंने पुरानी नौकरी छोड़ी थी और बेरोजगार था, 14 मई 2014 के बाद 22/5 /2014 तक इंतज़ार किया । जो गलत निकला। बाबाजी के असंख्य भक्त है जिसमे धर्म बहन भी है।
(टीप- मेरी बिटिया पढ़ाई पूरी करने के बाद टीवी सीरियलों में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करने लगी है)
परिणाम बताते है - "लग गया तो तीर नहीं
तो तुक्का"।