30 अगस्त 2018

ज्योतिष क्यो पाखण्ड लगता है


आम व्यक्ति ज्योतिष विद्या को पाखण्ड, और ठग विद्या की दृष्टि से ही देखता है
✍इसमे ज्योतिषियों का ही बहुत बड़ा योगदान है क्योकि 95 प्रतिशत ज्योतिषी बैल बुद्धि के निकलते है, जो पढ़ लिया , उसी की जुगाली करते है, उसी को पत्थर की लकीर मानते है, कहा करते है शास्त्रों में जो लिखा है वह शत प्रतिशत सत्य है। जबकि वास्तविकता ये है किसी खोजी विद्वान ने शास्त्रों की रचना की, जनकल्याण के लिए और जो उसने पाया वो सिद्धांत उसने उल्लेख कर दिए। जिसकी शत प्रतिशत सत्य होने का दावा वह विद्वान भी खुद नही करता, कभी करेगा भी नही। ढकोसलेबाज ज्योतिषी उसे ब्रम्हवाक्य मानकर चलता है।
✍ज्योतिषियों को सिध्दांत अध्ययन के बाद प्रायोगिक या रिसर्चर होना चाहिए जो 95% ज्योतिषी होते ही नही।

🔯अनेक ज्योतिषी तिलक, चंदन लगाकर, ढेरो विचित्र मालाएं गले मे पहने हुए धर्मभीरु लोगो को सिर्फ मूर्ख बनाने के लिए तैयार रहते है।

🔯एक व्यक्ति दैनिक  राशिफल देखता है तो पाता है फलां तारीख से फलां तारीख के जन्म के अनुसार उसकी राशि वृष (मान ले) है तो दूसरे अखबार के अनुसार- 'क का की के'  यानी जन्म राशि मिथुन है।अब व्यक्ति भ्रम में पड़ जाता है उसकी राशि मिथुन है या वृष।

🔯अब कोई व्यक्ति लाइब्रेरी या कहीं 6 अखबार पढ़े और सबमे अपना राशि फल देखे तो 3 अखबार में लिखा पाता है-आज का दिन शुभ/अच्छा होगा तो 3 अन्य अखबार में आज का दिन अशुभ होगा। अब उसका दिन अच्छा गया तो 3 अखबारों का भविष्यफल सही हुआ, और दिन मुसीबतों से बीता तो अन्य 3 अखबारों का भविष्यफल सही हुआ।(यानी तीर और तुक्का, तिसपर ज्योतिष को विज्ञान घोषित किया गया !!)
चित भी उनका, पट भी उनका।

🔯एक उदाहरण और ले- एक व्यक्ति अपने राशिफल में  पाता है- दिन शुभ रहेगा, अचानक धन लाभ होगा, पर उसी दिन उसकी जेब कटती है, रुपये पैसे का नुकसान होता है, छोटामोटा एक्सीडेंट भी हो जाता है,शारीरिक तकलीफ झेलना पड़ता है। तो व्यक्ति कैसे मानेगा कि राशिफल सही साबित हुआ!
ऐसे में व्यक्ति ज्योतिषी से पूछेगा कि उसके साथ उल्टा क्यो हुआ तो एक घिसा पिटा जवाब उसे मिलेगा- आपकी राशि के करोड़ो लोग है, उन पर तो वैसा ही हुआ होगा।इसलिए राशिफल अनेको पर सही हुआ होगा। यानी फिर तीर या तुक्का ! सच ये है,उन अनेको को न आप पता कर सकते न वह ज्योतिषी।

🔯कई बार ऐसा भी हुआ है कि अपने सौर मंडल में अनेक ग्रह एक सीध में आ गए तो ज्योतिषियों ने हल्ला मचाया कि इसके प्रभाव से भूकम्प,प्रलय जैसी आपदा आएगी, हालांकि अनुभव बताते है कि ऐसा कुछ भी नही हुआ,धरती के किसी भाग मे भी नही। यानी ज्योतिषियों द्वारा की गई भविष्यवाणी बकवास ही साबित हुई।

🔯आप किसी भी पंचांग या कैलेंडर को उठाकर देखे तो सैकड़ो भविष्यवाणियां अपने देश सहित अनेक देशों के बारे में पाएंगे। बाद में होता ये है 100 भविष्यवाणी में एकाध सही साबित हुई तो ज्योतिषी/पञ्चाङ्ग ,कैलेंडर रचयिता ऐसा शोर मचाएगा मानो उसके कहने के अनुसार पहाड़ टूट गया, पर 99 गलत भविष्यवाणियों पर गहरी चुप्पी रखेगा।

🔯कुछ ज्योतिषी गोलमोल बातों को ही भविष्यवाणी के रूप में प्रस्तुत करते है जो किसी भी व्यक्ति पर  लागू होती है, जैसे-
💥आप सबका भला चाहते है पर आपकी इज्जत दूसरे नही करते(हर व्यक्ति अपनी नजर में अच्छा ही होता है)
💥आपके पास पैसा तो आता है पर टिकता नही(पैसा तो अम्बानी के पास भी नही टिकता, बिजनेस में पैसा रोल होता रहता है)
💥 आप महत्वकांक्षी है, कुछ बनना चाहते है,जीवन मे कुछ कर दिखाना चाहते है( हर व्यक्ति अपने जीवन मे कुछ करना ही चाहता है,सपना न देखे तो वह मुर्दा ही समझो)
💥आज का भविष्यफल- पड़ोसियों से सम्बन्ध अच्छा रखे, शत्रुओ से सावधान रहें,अपना कार्य मेहनत और लगन से करे,वाहन चलाने में सावधानी रखें। (ये भविष्यवाणी है या प्रवचन? खुद विचार करें इसमे भविष्यवाणी कहाँ है)

कुल मिलाकर दैनिक राशिफल, साप्ताहिक/मासिक राशिफल आदि सिवा बकवास के कुछ नही।और आपने को मार्डन बताने वाली प्रिंट मीडिया और टीवी मीडिया अंधविश्वास ही फैला रही है यही सिद्ध होता है।

ऐसे कई मामले सामने आए की 35-40 साल के सुखद वैवाहिक जीवन के बाद संयोग से कुंडली मिलाई गयी यो संयोग से पति पत्नी में एक मांगलिक निकला जबकि दूसरा नही। और ऐसे बेमेल विवाह का फल बताया गया वैसा कुछ नही हुआ था।

इसी तरह अन्य मामलों में विवाह पूर्व कुंडली मिलान के समय भृकुट दोष नाड़ी दोष बताकर संतान न होने की बात बताई गई पर ज्योतिष को डर किनारे कर विवाह हुआ और लड़की 3 बच्चों की मां भी बन गयी