25 अक्टूबर 2013

हस्तरेखा एवं पत्रकारिता केरियर - PALMISTRY & NEWS WRITERS CARRIER (Hindi)

हस्तरेखा एवं पत्रकारिता  केरियर -
                                                                                                                                                                                                                                                           
रेणिक  बाफना (जैन ) [98279 -43154 ]
हस्तरेखा विशषज्ञ , चंगोरा भाटा ,रायपुर 
पूर्व जनरल मैनेजर -एकाउंट्स एवं फाइनेंस व एडमिनिस्ट्रेशन(विभिन्न निजी कम्पनियों  में )
                                                                                                                                                                                                                                                                     
पत्रकारिता का क्षेत्र एक महत्वपूर्ण केरियर बनाता जा रहा है , समाचार पत्रों की बढाती संख्या एवं टीवी मीडिया के बढ़ाते क्षेत्र के कारण इनकी मांग बढती चली जा रही है।  इस क्षेत्र में पहले साहित्य क्षेत्र से सम्बंधित लोग ही ज्यादा आते थे , पर ये मायने बदल गए है। पत्रकारिता का क्षेत्र, पत्रकार को यश कीर्ति के साथ अनेक नामी -गरामी लोगो से जान पहचान भी कराता है और सामाजिक राजनैतिक प्रभाव भी बढ़ाता है।  इसके साथ आर्थिक लाभ के चलते आर्थिक स्थिति की  दृष्टि से भी ठीक है। अनेक बार पत्रकारिता के क्षेत्र के लोगो के सामने प्रसिद्द नेता व अफसर भी चिरौरी करते देखे जाते है . शायद मीडिया  पर अपनी पकड़ बनाने , प्रसिद्धि पाने , या बचने के लिये।  इस हेतु भाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। तथा कल्पनाशीलता ,खोजी प्रवृत्ति भी होनी चाहिए। अध्ययन शीलता भी जरुरी है ताकि सामान्य ज्ञान बढता जाए। जबकि मैंने अल्पशिक्षित लोगो को पत्रकारिता में भी देखा है जिनकी लेखन शैली काफ़ी कमजोर पाया था।

          ज्योतिष के अनुसार मनुष्य में नैसर्गिक गुण होते है जिसके  अनुसार केरियर चुनाव करने से जीवन में सफलता अधिकतम मिलती है और संतुष्टि भी मैंने अपने परीक्षणों में यह पाया कि केरियर गलत होने से जीवन में संघर्ष बहुत बढ़ जाता है।  निराशा की स्थिति में कई लोग (गरीबी आदि कारणो से गलत कदम भी उठा लेते है ) हस्तरेखा विद्या केरियर के मामले में मार्गदर्शक होने से इस मामले में काफ़ी प्रकाश डालती है:-
    मुख्य रूप से बुध पर्वत विकसित होना जरुरी है तथा सबसे छोटी उंगली का प्रथम पर्व बड़ा होना जरुरी है , जिससे बुद्धि पढने लिखने में ज्यादा लगे।  साथ ही शीर्ष रेखा भी अच्छी लम्बाई लिए हो ताकि मानसिक शक्ति भी पर्याप्त हो , इससे पत्रकारिता में सफलता ज्यादा मिलाने की सम्भावना होती है।  अन्य लक्षण से इन गुणो में क्या वृद्धि होगी आइये देखते है -
१- चन्द्र पर्वत विकसित हो - कल्पना शक्ति संपन्न पत्रकार 
२-शीर्ष रेखा प्रारम्भ में जीवन रेखा से मिली हो और चन्द्र पर्वत की और झुकी हो - व्यवहारिक , संतुलित बुद्धि एवं कल्पनाशीलता का मेल 
३- सभी उंगलियो के प्रथम पर्व विकसित हो - मानसिक क्षेत्र में विशेष योग्यता
४-लम्बोतरा हाथ - मानसिक श्रम (पढने लिखने की और विशेष झुकाव )
५ -लंबा अंगूठा (प्रथम पर्व)- संघर्षशील व् साहसी पत्रकार
६ -लंबा अंगूठा (द्वितीय पर्व) -तर्कशील पत्रकार 
७ - वर्गाकार हथेली -व्यवस्थित कार्य एवं न्याययुक्त , सिक्के के दोनों पहलू देखने वाला पत्रकार 
८- दार्शनिक हाथ (ऊँगलिया की गाँठ युक्त)-दार्शनिक पत्रकार , अध्यात्म क्षेत्र में विशेष रूचि वाला 
९-साइकिक हाथ (पतली लम्बी उंगलियो वाला , लम्बी हथेली )- कल्पनाशील और अव्यवहारिक पत्रकार , शांत, आलसी व टेबलवर्क प्रेमी पत्रकार 
१०.-स्पेच्युलेट (खुरपी आकार की हथेली व् उँगलियाँ )- हर बात की गहराई में रूचि रखने वाला , हमेशा सक्रीय , नवीन -खोजी एवं तकनीकी पत्रकार। 
११-लम्बी उंगलिया - हर बात की गहराई में जाने वाला खोजी पत्रकार 
१२- सूर्य रेखा अच्छी हो - पत्रकारिता के क्षेत्र में बहुत प्रसिद्द होने की सम्भावना 
१३-बुध पर्वत पर त्रिकोण हो- नारदमुनि की तरह चालाक पत्रकार 
१४-भाग्य रेखा भी अच्छी हो- इस क्षेत्र में धन कमाने का योग बढ़ गया 
१५- सीधी मष्तिष्क रेखा जो हथेली में सीधी डंडे की तरह जाए-विश्लेषणात्मक दिमाग , क्रोधी भी (ये साथ में ह्रदय रेखा भी समानांतर हो )

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें