वह किडनी दान से बच गया :-
-आर. के. बाफना , रायपुर (छत्तीसगढ़ )
मेरे पास एक दंपत्ति आये , जो मेरे पूर्व परिचित के रिश्तेदार थे। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब चल रही थी , इस कारण पति पत्नी के बीच बहुत तनाव रहता था। अक्सर झगड़ा होते रहता था। (ऐसे मामलो में पत्नी अक्सर सिर पर सवार रहती है।) दोनों भविष्य सम्बन्धी मार्गदर्शन के लिए आये थे। उनकी एक ट्रक भी थी , जो खराब खड़ी थी की महीनो से, और बनवाने के लिए पैसा नहीं था . हस्तरेखा में उम्र अनुसार कोई विशेष खराबी नहीं थी अत: मैंने बताया ये केवल कुछ समय का उतार चढ़ाव है चिंता मत करो , संकट के समय धीरज रखना चाहिए न कि लड़ना झगड़ना चाहिए। महज तीन महीने में सब ठीक हो जाएगा। फिर उन्होंने बताया कि संकट के कारण पति महोदय किडनी दान करने वाले है अपने एक साढ़ू को, (साली साहिबा के पति को ). जिससे एडवांस भी ले लिया है। आपरेशन की तारीख भी निर्धारित हो चुकी है और रेलवे रिजर्वेशन भी हो चुका है। आगामी ८-१० दिनों बाद वे रवाना होने वाले है ! इसकी चिंता भी उन्हें थी ! मैंने पुन: हाथ देखा और बताया इसमे ऐसा तो नहीं दीखता कि तुम्हे कोई आपरेशन या अंग भंग दिखाई देता हो ! फिर भी आगे ईश्वर की इच्छा !
दिन बीते, रिजर्वेशन के दिन वे लोग ट्रेन में बैठकर रवाना हो गए। इधर ये लोग ट्रेन में थे उधर साढ़ू की अस्पताल में ही मृत्यु हो गयी। वे लोग जब स्टेशन पर उतर कर पहुंचे रिश्तेदार के यहाँ ,तो आगे मृत्यु की खबर का सामना हुआ और किडनी दान से बच गए। चैन की साँस लेकर वापस घर की ओर आये . आगे समयानुसार उनकी स्थिति ठीक हुई, ट्रक बनवा लिया , और धंधा चलने से सारी तकलीफे दूर होने लगी अब वे सुखी है। (हस्तरेखा में रूचि रखने वालो के लिए - व्यक्ति के निम्न चन्द्र में कोई खराबी मुझे दिखाई नहीं दी , इसलिए मैंने अनुमान लगाया कि किडनी निकाले जाने का कोई संकेत नहीं )
-आर. के. बाफना , रायपुर (छत्तीसगढ़ )
मेरे पास एक दंपत्ति आये , जो मेरे पूर्व परिचित के रिश्तेदार थे। उनकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब चल रही थी , इस कारण पति पत्नी के बीच बहुत तनाव रहता था। अक्सर झगड़ा होते रहता था। (ऐसे मामलो में पत्नी अक्सर सिर पर सवार रहती है।) दोनों भविष्य सम्बन्धी मार्गदर्शन के लिए आये थे। उनकी एक ट्रक भी थी , जो खराब खड़ी थी की महीनो से, और बनवाने के लिए पैसा नहीं था . हस्तरेखा में उम्र अनुसार कोई विशेष खराबी नहीं थी अत: मैंने बताया ये केवल कुछ समय का उतार चढ़ाव है चिंता मत करो , संकट के समय धीरज रखना चाहिए न कि लड़ना झगड़ना चाहिए। महज तीन महीने में सब ठीक हो जाएगा। फिर उन्होंने बताया कि संकट के कारण पति महोदय किडनी दान करने वाले है अपने एक साढ़ू को, (साली साहिबा के पति को ). जिससे एडवांस भी ले लिया है। आपरेशन की तारीख भी निर्धारित हो चुकी है और रेलवे रिजर्वेशन भी हो चुका है। आगामी ८-१० दिनों बाद वे रवाना होने वाले है ! इसकी चिंता भी उन्हें थी ! मैंने पुन: हाथ देखा और बताया इसमे ऐसा तो नहीं दीखता कि तुम्हे कोई आपरेशन या अंग भंग दिखाई देता हो ! फिर भी आगे ईश्वर की इच्छा !
दिन बीते, रिजर्वेशन के दिन वे लोग ट्रेन में बैठकर रवाना हो गए। इधर ये लोग ट्रेन में थे उधर साढ़ू की अस्पताल में ही मृत्यु हो गयी। वे लोग जब स्टेशन पर उतर कर पहुंचे रिश्तेदार के यहाँ ,तो आगे मृत्यु की खबर का सामना हुआ और किडनी दान से बच गए। चैन की साँस लेकर वापस घर की ओर आये . आगे समयानुसार उनकी स्थिति ठीक हुई, ट्रक बनवा लिया , और धंधा चलने से सारी तकलीफे दूर होने लगी अब वे सुखी है। (हस्तरेखा में रूचि रखने वालो के लिए - व्यक्ति के निम्न चन्द्र में कोई खराबी मुझे दिखाई नहीं दी , इसलिए मैंने अनुमान लगाया कि किडनी निकाले जाने का कोई संकेत नहीं )
शुक्रिया आपकी टिप्पणियों का। सहज सुन्दर विचार।
जवाब देंहटाएंधन्यवाद आपने मेरे ब्लॉग को ध्यान से पढ़ा , मैंने अपने परीक्षणों में जो पाया वही लिखा , अन्य लेख भी आपकी नजरो की प्रतीक्षा कर रहे है
हटाएंबहुत बढ़िया रहा दम्पत्ति के साथ उन्हें किडनी नहीं देनी पड़ी।
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