💀ज्योतिष एक सिद्धांत मात्र ही है जो सिर्फ जीवन में पूर्व निर्धारित "योग" या "संभावना" को ही प्रकट करता है। पर ये कोई जरुरी नहीं कि वो संभावना/योग/घटना घट ही जाए। क्योकि मैंने अपनी परीक्षाओ में होने और न होने का प्रतिशत 50:50 ही पाया।
💀 ये घटना मेरी तो नहीं बल्कि एक मित्र हस्तरेखा विद्वान के द्वारा देखी गयी थी और मुझे उसने बताया चर्चा करते वक्त।
एक महिला उनके पास हाथ दिखाने आई तो उसने पाया कि उसके हाथ में विधवा योग था। उसने कुछ कहा नहीं बल्कि उसके पति को बुलवाया और उसका हाथ देखा।पति महोदय दीर्घजीवी थे हस्तरेखानुसार।
बड़ा गजब का संयोग था !!!!!
अगर पति महोदय जीवित रहते है तो पत्नी की हस्त रेखा गलत साबित होती है,और अगर पत्नी विधवा हो जाती है तो पति महोदय की हस्तरेखा गलत साबित होती है।
खैर उन्हें कुछ बताया नहीं गया पर उन्हें observation रखा गया। कुछ सालो बाद पति महोदय की मौत हो गयी और पत्नी का विधवा योग सही साबित हो गया। इतना प्रभाव होता है जीवन साथी का ।
-आर के बाफना
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