27 दिसंबर 2013

जैन गोत्रों की कुलदेवी कुलदेवता -पुस्तक

जैन गोत्रों की कुलदेवी कुलदेवता 

मेरे जीवन के एक बड़ी घटना और कड़वे अनुभव के बाद मैंने जैन समाज के लिए एक किताब की रचना की ताकि दूसरे भुगतने से बच जाए . हालांकि इसमे राजस्थानी मूल के निवासियो के लिए भी पढने लायक सामग्री है।  कई  लोगो को अपनी कुल देवी के बारे में इसी से जानकारी मिली जो वर्षो से खोज रहे थे. दरअसल ८ वीं  से १२ वीं  शताब्दी के बीच राजस्थानी मूल के हिन्दुओ को ही  जैन धर्म में दीक्षित किया गया था। अतः अन्य सभी ज्ञान सहित ये खासकर जैन धर्मावलम्बियों के लिए उपयोगी है। मूल्य १००/-सौ रुपये 
उपलब्ध - श्री लक्ष्मी जनरल स्टोर्स , लिली चौक , पुरानी बस्ती , रायपुर (छ.ग.)- श्री लक्ष्मी कान्त ताम्रकार 
मेरा संपर्क-आर के बाफना(लेखक),94063-00401



पुस्तक इस पते पर उपलब्ध है
श्री लक्ष्मीकांत ताम्रकार , लक्ष्मी जनरल स्टोर्स ,लिली चौक ,पुरानी बस्ती रायपुर (छ.ग.)  

2 टिप्‍पणियां:

  1. ￰जयजिनेन्द्र मैं पूणासे हूँ मुझे कोई भाटजी का नंबर मिल जाए तो बड़ी कृपा होगी

    जवाब देंहटाएं
  2. I do not know any Bhat Ji, All Jain Gotras have separate BHAAT Ji

    जवाब देंहटाएं