7 मई 2014

मैंने फिर किसी का काल देखा……।


✍मैंने फिर किसी का काल देखा । 

सन 2011 की बात है , मेरे पास एक फोन आया , हैलो मै ,शीतल जैन  बोल रहा हूँ , मैआपसे मिलना है , मैंने पहले तो मना कर दिया , फिर उससे कुछ पूछा तो उसने एक व्यक्ति से कोई रिश्ता नहीं बताया।  फिर भी मेरे मना करने पर उसने अपने "हैंडीकेप्ट" होने की बात कही तो मुझे दया आ गयी।  मैंने उसे आने की आज्ञा दे दी।  एक पैर से पोलिओग्रस्त विशेष स्कूटर पर बैठ कर  आया। मैंने फिर उससे उसकी रिश्तेदारी की पूछ ताछ की फिर  संतुष्ट होकर उसकी समस्या सुनी। उसकी हस्तरेखा देखी , आवश्यक सुझाव दिया। उसने एक बार घर भी चलने का अनुरोध किया जो मैंने उस  समय ठुकरा दिया। चलते चलते एक बार उसके दूकान भी गया , उसी दौरान  उसने फिर घर चलने का अनुरोध किया , जो मैंने स्वीकार कर लिया। घर जाकर मेरी नजर उसकी भाभी पर पड़ी , जो मुझे देखकर कुछ विचित्र सा मुंह बनाने लगी , साफ़2 मुझे आभास हो गया कि वो प्रेतबाधाग्रस्त थी।(वह उस समय भोजन कर रही थी)।  फिर बैठक में बैठने के बाद शीतल ने मुझे बताया कि उसकी भाभी की तबियत खराब रहती है , काफी इलाज करवा चुके है , एक मुस्लिम ने बताया उसे "बाहर की हवा " लगी हुई है , उससे शांति प्रयोग करवाने के बाद अब ठीक है काफी।  मैंने जवाब दिया कि अभी ठीक नहीं हुई है , प्रभावित है, फिर उसके भाभी को बुलवाकर उसका हाथ देखकर मैंने वापस भेज दिया।  बाद में शीतल को बताया कि अपनी भाभी का विशेष ख्याल रखे , इसी  साल खतरा है, पता नहीं कब क्या हो जाये !  वापस आते आते फिर मैंने दोहराया कि उसकी भाभी को इसी साल खतरा है  जान का। घर आना एक प्रयोग बताऊंगा उसे उनके हाथ से करवा लेना। 

(इसी बीच उसने बताया जिस दिन मैं उसके घर गया था,उसी रात उसकी मम्मी को स्वप्न आया कि बाफना जी घर पर आ गए है,चिंता की कोई बात नहीं,अब सब ठीक हो जाएगा, उसकी मम्मी को मेरा चेहरा भी दिखा था !)


घर आने पर मैंने राजिम कुलेश्वर महादेव के मंदिर जाकर एक प्रयोग करने कहा।  अगले दिन वो और उसके साले साहब आये, भाभी के पैदल नहीं चल पाने की बात कहते हुए उनके बदले खुद पूजा करने की बात कहने लगे ।  वे लोग गए और पुजारी के साथ मिलकर छोटी सी पूजा कर लिए।  परन्तु विधि को यह मंजूर नहीं हुआ।  अगले हप्ते ही उसकी भाभी फिर से बुरी तरह बीमार हो गयी और अस्पताल में भरती होना पड़ा।  अब मेरे आफिस में (नौकरी स्थल ) बैठे हुए ही दिन भर में उसका ५-७ बार फ़ोन आ गया  कि ऐसा-ऐसा हो गया।  मैंने कहा अब एक काम ही कर सकते है , होमियोपैथी के डा रमानी से संपर्क , पर दुर्भाग्य डा साहब बाहर थे , मिल न सके। अब मैंने कुछ दवाइया बतायी जो अंगरेजी दवाई के साथ देने का सुझाव दिया , पर इसके पहले वो लाता और देता , उसकी भाभी आई- सी- यू  में भरती कर दी गयी। दवा दे पाना मुश्किल।  शाम होते होते विशेष आई सी यू  में ले जाया गया।  और फिर 4 बजे शाम को मृत्यु की खबर ही आ पायी। बाद में शीतल काफ़ी रोया और गम्भीर रूप से विश्वास हुआ कि मैंने सच  ही कहा था . देखा जाए तो मैंने उसकी भाभी का काल देख लिया था और उसे स्पष्ट रूप से बता भी दिया था ताकि सावधानी रखी जा सके , वक्त रहते बचाव किया जा सके , पर ऐसा हो न सका !

   इसके बाद मैंने पहले ही उसका हाथ देख रखा था जिसके अनुसार अगला नंबर शीतल जैन का ही था। और उसे बता भी रखा था। वह घबराया और मेरे पास फिर आया,मैंने उसे सात्वना दी कि अगर तुम उस दिन भाभी के हाथो ही राजिम ले जाकर पूजा करवा देते तो शायद बच जाती। अब तुम्हें बचाने की कोशिस करूँगा पर तुम कार की व्यवस्था करो और कुछ पूजा में काम आने की सामग्री लिखवा दी क्योकि ऐसे प्रयोग घर में करना ठीक नहीं होते। नियत दिन वो आया और हम दोनो ड्राइवर सहित गए,जंगल में स्थित एक देव स्थान पर पूजा कर प्रयोग किया। इसके बाद वो व्यवसायिक कार्य से दिल्ली और उज्जैन भी गया तो उसके साथ चमत्कारिक रूप से अनजान लोग सहायता करने लगे, ये सभी विवरण मुझे लौट कर बताया भी। पर उसका घर शुद्ध नहीं हुआ था क्योकि मैंने जो कुछ किया था उसकी रक्षा के लिए था, अब घर अभी भी भारी2 लगता है ये सुनकर अपने गुरु के पास उसे ले गया,फिर उनसे घर शुद्ध हुआ। 

सब कार्य पूर्ण होने के बाद मैंने उसे मेरी लिखी "जैन गोत्रो की कुलदेवी " नामक पुस्तक की 10 कॉपी दी और कहा कि इसे अपने परिचितो रिश्तेदारो को बेचना ताकि कष्ट में कोई हो तो उसे रास्ता मिल जाए। पर मुश्किल से 2-3कॉपी बेचा फिर टालने लगा ,ये देख मैंने बची सारी कॉपी मांगा ली। अब काम निकलने के बाद उसने आम भारतीयो की तरह ही मुंह फेर लिया,कोई फोन नहीं आता या खुद कभी मिलने आता। 
# क्या उसे बचाकर मैंने गलती की?#
-आर के बाफना,रायपुर

4 टिप्‍पणियां:

  1. बाफना जी आप मेरा मदद कर सकते हैं आपकी बड़ी कृपा होगी और आप अपना नंबर प्रदान करने की दया करें ताकि आपसे फोन पर सभी बातें स्पष्ट कह सकूँ मेरा नंबर-8817188152यह मेरा व्हाट्स एप का भी नंबर है मेरा ईमेल- rajeshaditya44@gmail.com

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  2. मैं आपसे तंत्र मंत्र की जानकारी चाहताहूँ

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